
जमशेदपुर में इन दिनों एलपीजी (रसोई गैस) की कमी एक गंभीर समस्या बन गई है। घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर होटल, अस्पताल, स्कूल और छोटे उद्योग तक इस संकट से प्रभावित हो रहे हैं। गैस सिलेंडर की समय पर आपूर्ति नहीं होने से लोगों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
गैस संकट के मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार गैस आपूर्ति में कमी, परिवहन व्यवस्था में बाधा तथा मांग में अचानक वृद्धि इस संकट के प्रमुख कारण हैं। कई गैस एजेंसियों में सिलेंडर की उपलब्धता सीमित होने के कारण उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। कुछ क्षेत्रों में बुकिंग के बाद भी 15–25 दिनों तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
आम लोगों की परेशानी
गैस की कमी का सबसे ज्यादा असर आम परिवारों पर पड़ा है। कई घरों में खाना बनाने के लिए लकड़ी, कोयला और केरोसिन जैसे पारंपरिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे न केवल खर्च बढ़ रहा है बल्कि स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, गृहिणियों को रोजाना भोजन बनाने में कठिनाई हो रही है और कई परिवारों को बाहर से खाना मंगवाने की मजबूरी भी बढ़ गई है।
होटल, अस्पताल और स्कूल भी प्रभावित
गैस संकट का असर होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर भी पड़ा है। कई होटलों ने खाना बनाने के लिए इलेक्ट्रिक चूल्हा या कोयले का उपयोग शुरू कर दिया है। अस्पतालों और स्कूलों के रसोईघर में भी गैस की कमी के कारण वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है।
कालाबाजारी और बढ़ती कीमतें
संकट के कारण कुछ जगहों पर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। सीमित उपलब्धता के कारण कुछ लोग अधिक कीमत देकर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं, जिससे आम जनता की परेशानी और बढ़ गई है।
