


चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मनाई जाने वाली बासंती दुर्गा पूजा का आज दशमी तिथि के साथ विधिवत समापन हो गया। नौ दिनों तक मां दुर्गा की भक्ति में लीन श्रद्धालुओं ने अंतिम दिन भावुक माहौल में माता को विदाई दी। मंदिरों और पूजा पंडालों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी रही, जहां पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई।
नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना की और सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं दशमी के दिन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां दुर्गा का विसर्जन किया गया। इस दौरान खास तौर पर महिलाओं के बीच सिंदूर दान यानी सिंदूर खेला की रस्म देखने को मिली।
महिला श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर एक-दूसरे को सिंदूर लगाया और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। पूरा वातावरण भक्ति, उल्लास और भावुकता से सराबोर नजर आया।
श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना की और इसी के साथ बासंती दुर्गा पूजा का यह पावन पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया।
