
उन्होने कहा कि पहले भी इस परियोजना को स्वीकृति मिली थी, जिसमें कुछ सड़कों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कुछ हिस्सों में अभी भी भूमि अधिग्रहण अधूरा है। इसी वजह से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे और सुनिश्चित करे कि सभी प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा मिलने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए।

