
कोडरमा: झारखंड के कोडरमा में पुलिस ने बैंक लूट की बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। तिलैया थाना क्षेत्र के इंदरवा-झरनाकुंड में बीती रात बैंक लूट की योजना बना रहे संदिग्ध अपराधियों और पुलिस टीम के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक अपराधी के पैर में गोली लगी, जबकि अपराधियों को पकड़ने के दौरान तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार भी घायल हो गए। पुलिस ने मौके से चार आरोपितों को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पकड़े गए सभी आरोपित बिहार के सिवान जिले के रहने वाले हैं।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस को सूचना मिली थी कि इंदरवा-झरनाकुंड स्थित एक मकान में कुछ अपराधी जमा हैं और किसी बैंक को लूटने की योजना बना रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तिलैया थाना पुलिस की टीम ने इलाके में पहुंचकर मकान की घेराबंदी की। पुलिस टीम के पहुंचते ही अंदर मौजूद अपराधियों में हलचल मच गई। इसी दौरान एक आरोपित ने पुलिसकर्मियों पर हथियार तान दिया। खतरा भांपते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। गोली चलने के बाद एक आरोपित के पैर में गोली लग गई।
मुठभेड़ के बाद तीन साथी भी दबोचे गए
गोली लगने से घायल बदमाश को पुलिस ने तत्काल कब्जे में लिया और इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। इसी दौरान पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसके तीन अन्य साथियों को भी पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपितों के पास से तीन पिस्टल, 15 जिंदा गोलियां और पांच मैगजीन बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस अब बरामद हथियारों के स्रोत और आरोपितों के आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है।
अपराधियों को पकड़ने में थाना प्रभारी भी घायल
कार्रवाई के दौरान तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार के पैर में भी चोट लगी। घटना की जानकारी मिलने के बाद कोडरमा एसपी कुमार शिवाशीष सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल थाना प्रभारी का हाल जाना और पुलिस की कार्रवाई की जानकारी ली। एसपी ने हिरासत में लिए गए आरोपितों से भी पूछताछ की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अपराधियों की नजर किस बैंक पर थी और लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए उनकी क्या योजना थी। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही आरोपितों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है।