चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर संयुक्त अभियान के दौरान बाल तस्करी का बड़ा मामला सामने आया। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, करा सोसाइटी, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की टीम ने 11 बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों से सुरक्षित रेस्क्यू किया। इनमें 7 बालक और 4 बालिकाएं शामिल हैं। सभी बच्चों की उम्र करीब 11 से 16 वर्ष के बीच बताई गई है। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी के निर्देश पर स्टेशन परिसर में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर मौजूद बच्चों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें रोजगार दिलाने का झांसा देकर तमिलनाडु ले जाया जा रहा था। टीम को मामला संदिग्ध लगने पर सभी बच्चों को तत्काल अपने संरक्षण में लिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही चक्रधरपुर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ स्टेशन पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित रूप से बाल कल्याण समिति (CWC), पश्चिमी सिंहभूम के समक्ष प्रस्तुत कराने में सहयोग किया। रेस्क्यू के बाद बच्चों को भोजन, पेयजल और प्राथमिक काउंसलिंग उपलब्ध कराई गई। समिति के निर्देश पर फिलहाल सभी बच्चों को राजकीय बाल गृह में रखा गया है। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन की ओर से बच्चों की विस्तृत काउंसलिंग, परिजनों की पहचान और सुरक्षित घर वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के जिला समन्वयक ने कहा कि बाल तस्करी एक गंभीर अपराध है और समय रहते की गई संयुक्त कार्रवाई से 11 बच्चों को संभावित शोषण और तस्करी का शिकार होने से बचा लिया गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई बच्चा संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, RPF हेल्पलाइन 139 या GRP को दें। एक सतर्क सूचना किसी बच्चे का जीवन और भविष्य सुरक्षित कर सकती है।


