
डुमरिया प्रखंड के सुदूरवर्ती लखाईडीह गाँव पहुंचकर अपर सचिव के के सोन ने ग्रामीणों से किया संवाद
अक्षर संवाद डुमरिया/ जमशेदपुर
जल जीवन मिशन जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के अपर सचिव एवं अभियान निदेशक के. के. सोन आज पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड स्थित लखाईडीह गाँव पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 15 वर्ष पहले इस गांव में बतौर सरकारी अधिकारी पहली बार आया था, तब और अब की स्थिति में काफ़ी सकारात्मक परिवर्तन आया है। उस समय यहां मात्र 15 बच्चे स्कूल में पढ़ते थे लेकिन अब 312 बच्चे पढाई कर रहे हैं। कल्याण विभाग के बालक- बालिकाओ के लिए अलग-अलग छात्रावास की सुविधाएं उपलब्ध हैं। कई युवक बड़े शहरों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने खासकर बालिका छात्रावास की बालिकाओं से कहा कि किसी भी परिस्थिति में बीच में पढ़ाई नही रोकना, अगर किसी तरह की बाधा है तो जिला अधिकारी अर्थात डीसी को पत्र लिखकर अपनी बात पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि इस इलाके के बच्चे भी इंजीनियरिंग, मेडिकल, कानून की पढ़ाई करें। गांव में समाज के सहयोग से नशामुक्ति एवं अंधविश्वास की रोकथाम के लिए किये गए प्रयासों की सराहना करते हुए बच्चों को भी सेवा, संस्कार और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देते हुए जिम्मेदार बनाने की अपील की। इस अवसर पर पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने अपने संबोधन में कहा कि दो दशक पूर्व सरकारी अधिकारी के तौर पर सोन सर के प्रयास से ग्रामीणों को विश्वास में लेकर समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की पहल अत्यंत सराहनीय व अनुकरणीय है। केंद्र व राज्य सरकार के माध्यम से आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत सुदूरवर्ती गांवों को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने हेतु प्रशासन के द्वारा ग्रामीणों को विशेष रूप से शिक्षा, जीविकोपार्जन के साधन, पेयजल की कमी, खराब सड़क, नेटवर्क कनेक्टिविटी तथा अन्य समस्याओं के समाधान हेतु नियमित निगरानी एवं अनुश्रवण के माध्यम से सभी विभागों से समन्वय कर समाधान का प्रयास किया जा रहा है। इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता अत्यंत आकर्षक है और इसे पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं।
ग्राम प्रधान कान्हू राम टुडू ने सुदूर दुर्गम पहाड़ी इलाकों में सरकारी व्यवस्था के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं व सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रशासनिक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि अब गांव पूरी तरह से नशा मुक्त हो गया है, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोग जागरूक हैं।शिक्षा के लिए अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजते हैं तथा कई बच्चे बाहर जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर सरकार की योजनाओं के लाभुको को मुख्य अतिथि के द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन का स्वीकृति पत्र, अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास के लाभुकों का गृह प्रवेश, सोना सोबरन धोती- साड़ी सहित विभिन्न योजनाओं के लाभुको के बीच
परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
के. के.सोन ने गांव में चल रहे स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े विकासात्मक गतिविधियों का निरीक्षण किया, साथ ही उन्होंने अधिकारियों को लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने तथा जमीनी स्तर पर काम करने के निर्देश दिए।
