
पटना: बिहार के मुजफ्फरपुर में पुलिस ने नीट (NEET) परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से ठगी करने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले गिरोह के मुख्य सरगना मनीष झा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। 2 जून 2026 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालूघाट स्थित चॉकलेट फैक्ट्री के पास एक किराये के मकान से नीट परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर टेलीग्राम के माध्यम से बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर जजुआर थाना क्षेत्र निवासी मनीष झा को गिरफ्तार किया था। उसके पास से मोबाइल फोन और लैपटॉप सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए थे।
जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र के हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार उर्फ मानव तथा सिकंदरपुर थाना क्षेत्र निवासी हर्ष कनोडिया को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे टेलीग्राम चैनलों और सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों एवं अभिभावकों से संपर्क करते थे और नीट का असली प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस के अनुसार, ठगी से प्राप्त राशि विभिन्न बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इसके लिए कई लोगों के खातों का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे लेन-देन का पता लगाना मुश्किल हो सके। बाद में यह रकम गिरोह के सरगना तक पहुंचाई जाती थी। वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं और उनके डिजिटल नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह केवल नीट परीक्षा के नाम पर ठगी करता था या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर भी फर्जी पेपर बेचने का खेल चला रहा था। मामले की जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है।