

जमशेदपुर:
प्रकृति पूजा का महापर्व सरहुल इस वर्ष भी जमशेदपुर में पूरे उत्साह और पारंपरिक धूमधाम के साथ मनाया गया। केन्द्रीय सरहुल पूजा समिति के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए और शहर सरहुल के रंग में रंग गया।
इससे पूर्व सुबह सभी सरना स्थलों पर आदिवासी समाज के महिला एवं पुरुषों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा के दौरान फल, फूल, दूध और धूप-धूवन अर्पित कर परिवार और समाज के कल्याण का आशीर्वाद मांगा गया।
शोभायात्रा में शामिल होने के लिए लोग अपने पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के साथ सीतारामडेरा में एकत्रित हुए। यात्रा प्रारंभ होने से पहले केन्द्रीय सरहुल पूजा समिति, पूर्वी सिंहभूम द्वारा विभिन्न समाज के अगुवाओं, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत एवं सम्मान किया गया।
इसके बाद शोभायात्रा सीतारामडेरा से निकलकर लाको बोदरा चौक, एग्रिको सिग्नल, भालूबासा चौक होते हुए साकची मुख्य गोलचक्कर तक पहुँची। पूरे मार्ग में महिला, पुरुष और बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में आदिवासी वाद्य यंत्रों की धुन पर नृत्य करते हुए सांस्कृतिक एकता का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय सरहुल पूजा के संयोजक शंभू मुखी, आदिवासी हो सभा युवा महासभा के केंद्रीय उपाध्यक्ष सूरा बिरुली सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: बिनोद केसरी, जमशेदपुर
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