
स्थानीय निवासी सुश्रीति सेन, नीलू प्रमाणिक और पिंकी दास ने आरोप लगाया है कि उनके घर के सामने अक्सर कुछ युवक गाड़ियां खड़ी कर अड्डा जमाते हैं, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी होती है। मंगलवार को भी कुछ लोग बोलेरो गाड़ी से वहां पहुंचे और पास की एक फर्नीचर दुकान में सामान देखने लगे। इसी दौरान गाड़ी पार्किंग को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई।
वहीं दूसरे पक्ष के राजीव राम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे दुकान से लौटते समय गाड़ी बैक कर रहे थे। इसी दौरान पार्किंग को लेकर कहासुनी हुई और उन्हें जातिसूचक शब्द कहे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान ईंट-पत्थर भी फेंके गए, जिससे उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचा और स्थिति बिगड़ गई।
घटना की सूचना मिलने पर कदमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों की ओर से लिखित शिकायत दी गई है, जिसके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

