सिद्धार्थ पाण्डेय/चाईबासा
चाईबासा: टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की ओर से मल्टी डिसीप्लिनरी डिविजनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एमडीडीटीआई), टाटानगर के संगम ऑडिटोरियम में एकदिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में रेलवे के विभिन्न विभागों के कुल 73 रेलकर्मियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में कमर्शियल, ऑपरेटिंग, इंजीनियरिंग, लोको शेड और मेडिकल विभाग के रेलकर्मी शामिल हुए। सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य कुमार ने अतिथि व्याख्याता के रूप में रेलकर्मियों को आपदा प्रबंधन और आपात स्थिति में बचाव के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि एक साथ कई स्थानों पर आग लगने की स्थिति में अग्निशमन कर्मियों का हर जगह तत्काल पहुंचना संभव नहीं होता। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को आग से बचाव और सुरक्षा के प्राथमिक नियमों की जानकारी होना जरूरी है। रेलकर्मियों को आग बुझाने की स्टार्वेशन, स्मूथरिंग और कूलिंग विधि के बारे में विस्तार से समझाया गया।
इसके अलावा सीढ़ी का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने, उसे दीवार से उचित कोण पर लगाने, सीढ़ी की मजबूती की जांच करने तथा सुरक्षित तरीके से ऊपर चढ़ने और नीचे उतरने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। रस्सियों के रखरखाव और आपदा के समय उनके सुरक्षित उपयोग की जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण में सांप के काटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार और तत्काल आपदा प्रबंधन के उपायों के बारे में डिजिटल माध्यम से जानकारी दी गई। डेमोंस्ट्रेटर अनिल कुमार सिंह ने फायर एक्सटिंग्विशर के इस्तेमाल का मॉक ड्रिल कराया। साथ ही प्राथमिक चिकित्सा, एलपीजी गैस लीकेज होने पर आग बुझाने के विभिन्न तरीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी रेलकर्मियों को फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य रेलकर्मियों को आपात परिस्थितियों में तत्काल और सुरक्षित तरीके से बचाव कार्य करने के लिए तैयार करना था।



