


जमशेदपुर: रामनवमी के समापन के बाद दशमी तिथि पर जमशेदपुर में परंपरागत अखाड़ा जुलूस पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाला जा रहा है। जहां राज्य के अधिकांश हिस्सों में नवमी के दिन अखाड़ा जुलूस निकलता है, वहीं जमशेदपुर और पड़ोसी जिला सरायकेला-खरसावां में दशमी के दिन यह परंपरा निभाई जाती है।
शाम ढलते ही शहर के विभिन्न इलाकों से अखाड़ा जुलूस निकलना शुरू हो गया, जिसमें युवाओं ने पारंपरिक खेल, करतब और शौर्य प्रदर्शन से लोगों को आकर्षित किया। “जय श्रीराम” के उद्घोष से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।
जुलूस के मार्ग में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में श्रद्धालुओं और जुलूस में शामिल लोगों के लिए पेयजल, शरबत और खाद्य पदार्थों की व्यवस्था की गई है।
शहर के सोनारी क्षेत्र में विश्वकर्मा कारपेंटर कल्याण समिति द्वारा भी सेवा शिविर लगाकर जुलूस में शामिल लोगों की सेवा की गई। समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं को पानी और प्रसाद वितरित कर समाज सेवा का संदेश दिया।
रामनवमी के इस भव्य समापन अवसर पर शहर पूरी तरह राममय नजर आ रहा है और श्रद्धा, भक्ति व सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
