बाजार में एक्सपायर ओआरएस और कोल्ड्रिंक्स की खुलेआम बिक्री
स्वार्थ और मुनाफे के चक्कर में गुमला जिले के व्यवसायी आम लोगों के स्वास्थ्य से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। कोल्ड ड्रिंक की बोतल जो एक्सपायर हो चुकी है और स्वास्थ्य की दृष्टि से अनुकूल नहीं है फिर भी दुकानदार धड़ल्ले से बेच रहे हैं। हद तो यह है कि जिले के कामदार प्रखंड के एक निजी विद्यालय में सहिया के द्वारा एक्सपायर ओआरएस का पाउच वितरित किया गया । ग्रामीणों के प्रतिरोध के बाद सहिया ने स्वीकार किया कि वह अनजाने में बच्चों के बीच ओआरएस वितरित कर रही है । जिला प्रशासन की कार्रवाई में इस बात का खुलासा किया गया कि कैसे लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने शहर में औचक निरीक्षण कर एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक की बिक्री और भंडारण का खुलासा किया ।

अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध स्टॉक को मौके पर ही नष्ट कर दिया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के नेतृत्व में टीम ने गुमला शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। जांच के क्रम में यह जानकारी मिली कि कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा एक्सपायरी हो चुके कोल्ड ड्रिंक्स को होटलों और छोटे खाद्य प्रतिष्ठानों में खपाया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर पालकोट रोड स्थित मेसर्स माही इंटरप्राइजेज के परिसर में छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान वहां विभिन्न नामी ब्रांडों के भारी मात्रा में एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक पाए गए। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया। नगर परिषद गुमला के प्रशासक के सहयोग से इन असुरक्षित उत्पादों को सार्वजनिक रूप से नष्ट कराया गया ताकि इन्हें दोबारा बाजार में न लाया जा सके। जांच में यह भी पाया गया कि प्रतिष्ठान संचालक द्वारा भारी लापरवाही बरती जा रही थी। गोदाम में एक्सपायर्ड और वैध (उपभोग के योग्य) उत्पादों को एक साथ ही रखा गया था। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि यह कृत्य खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 व विनियम 2011 का सीधा उल्लंघन है। नियमानुसार एक्सपायरी स्टॉक को अलग और स्पष्ट रूप से चिह्नित क्षेत्र में रखा जाना चाहिए ताकि वे बिक्री योग्य स्टॉक के साथ न मिलें।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता का अभाव—
गुमला शहर में जिला प्रशासन के द्वारा औचक छापामारी करने के दौरान एक्सपायर कोल्ड ड्रिंक की बिक्री का खुलासा किया गया जबकि ग्रामीण क्षेत्र की दुकानों में इसकी परवाह करने वाला कोई नहीं है। जागरूकता के अभाव में लोग भी पैकेट फूड्स एवं पेय पदार्थ की उत्पादन तिथि अथवा समाप्ति तिथि पर गौर नहीं करते हुए उसका उपभोग कर रहे हैं और इसका प्रतिकूल असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है जिसकी लगातार अनदेखी की जा रही है।
व्यवसायियों को चेतावनी
उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने गुमला शहर के व्यवसायियों को चेतावनी दिया है। खाद्य पदार्थ में मिलावट अथवा बंद पैकेट के खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ को एफएसएसएआई द्वारा निर्धारित मानक के अधार पर ही बेचने का निर्देश दिया है अन्यथा उनके लाइसेंस को रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

