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जमशेदपुर: जमशेदपुर के बहुचर्चित मंडल बस्ती दोहरे हत्याकांड में अदालत ने मुख्य आरोपी सलित कुमार को बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं हो सका। पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने के कारण आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया। यह मामला 8 अगस्त 2022 का है, जब टेल्को थाना क्षेत्र के मंडल बस्ती निवासी भूपेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी सरिता देवी मृत पाए गए थे। जांच में सामने आया था कि दोनों की हत्या किसी भारी वस्तु से हमला कर की गई थी। घटना के बाद उनकी नाबालिग बेटी घर से गायब मिली थी, जिसके कारण पुलिस का शक उस पर और उसके कथित प्रेमी सलित कुमार पर गया।
पुलिस ने जांच के दौरान प्रेम संबंध को हत्या की वजह बताते हुए दोनों को आरोपी बनाया था। नाबालिग को बरामद कर रिमांड होम भेजा गया था, जबकि सलित कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने दावा किया था कि मामले से जुड़े कई अहम सबूत उसके हाथ लगे हैं, जिनमें खून से सने कपड़े और एक स्कूटी भी शामिल थी।
मगर अदालत में सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी कई महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। इसके अलावा कथित हत्या में प्रयुक्त हथियारों को भी साक्ष्य के रूप में पेश नहीं किया गया। ऐसे में अदालत ने उपलब्ध तथ्यों को आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं माना। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता आलोक कुमार सिंह ने पैरवी की। फैसले के बाद एक बार फिर इस हत्याकांड की जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने जिस मामले को सुलझा लेने का दावा किया था, उसमें आरोपी के बरी होने से अब यह रहस्य और गहरा गया है कि आखिर दंपति की हत्या किसने और किन परिस्थितियों में की थी।

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