
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन रेलवे और संबंधित विभाग उनकी मूलभूत जरूरतों की अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई वर्ष पहले यहां रेल ओवरब्रिज और अंडरपास निर्माण की घोषणा की गई थी। करीब तीन वर्ष पूर्व परियोजना का शिलान्यास भी हुआ, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल सांकेतिक आंदोलन था। यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। लोगों ने यह भी कहा कि रेलवे ट्रैक के कारण कई बस्तियों का शहर से संपर्क प्रभावित होता है और आपातकालीन परिस्थितियों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। धरने के दौरान क्षेत्र के सांसद के प्रति भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने जनप्रतिनिधियों से जल्द हस्तक्षेप कर परियोजना को धरातल पर उतारने की मांग की और चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े स्तर पर जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।