
जमशेदपुर : झारखंड में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) बनवाने या प्राप्त करने के लिए लोगों को अब परिवहन कार्यालयों के चक्कर लगाने और लंबा इंतजार करने से राहत मिलने वाली है। परिवहन विभाग नई ऑनलाइन व्यवस्था शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत वाहन मालिक और चालक अपना DL और RC सीधे ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। इसके साथ ही इन्हें पीवीसी कार्ड पर प्रिंट कराने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
NIC ने किया सफल ट्रायल
- विभागीय पत्र के मुताबिक, नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) की तकनीकी टीम ने 1 अक्टूबर को रांची DTO और अन्य वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में नई व्यवस्था का सफल ट्रायल किया। ट्रायल के बाद व्यवस्था को लागू करने की दिशा में तैयारी तेज कर दी गई है। अधिकारियों से मिली मंजूरी के बाद ऑनलाइन डाउनलोड और PVC प्रिंटिंग की सुविधा शुरू की जाएगी।
सभी जिलों में लगेंगे प्रिंटर और कंप्यूटर
नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए राज्य के सभी जिला परिवहन कार्यालयों (DTO) में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इनमें PVC कार्ड प्रिंट करने वाले प्रिंटर, स्याही-कार्ड (कंज्यूमेबल्स), कंप्यूटर सिस्टम और तेज इंटरनेट कनेक्शन शामिल हैं। विभाग ने जिलों को निर्देश दिया है कि सेवा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
पुरानी एजेंसी का काम होगा बंद
नई NIC आधारित व्यवस्था लागू होने के बाद DL और RC की प्रिंटिंग तथा कार्ड जारी करने का काम देख रही एजेंसी ‘रोसमर्टा’ की व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। अपर सचिव की ओर से भेजे गए पत्र में जिलों को नई व्यवस्था लागू होने से पहले हर स्तर पर तैयारी पूरी रखने का निर्देश दिया गया है।
स्मार्ट कार्ड की जगह PVC कार्ड
नई व्यवस्था में वर्तमान में मिलने वाले स्मार्ट कार्ड या चिप वाले कार्ड की जगह आधुनिक क्यूआर कोड आधारित PVC कार्ड का इस्तेमाल किया जाएगा। वाहन चालक और मालिक ऑनलाइन अपने दस्तावेज डाउनलोड कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर इन्हें PVC फॉर्मेट में प्रिंट भी कराया जा सकेगा।
परिवहन विभाग का उद्देश्य DL और RC से जुड़ी प्रक्रिया को अधिक सरल और डिजिटल बनाना है। विभागीय तैयारियों के अनुसार अप्रैल से नई व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे लोगों को दस्तावेज प्राप्त करने के लिए बार-बार परिवहन कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी।












