
नई दिल्ली : जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में बुधवार का दिन भारत के लिए शानदार रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने तीरंदाजी और शूटिंग में दमदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने रोमांचक फाइनल में चीन को शिकस्त दी, जबकि नीरू ढांडा और कायनन चेनाई की जोड़ी ने ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को गोल्ड दिलाया।
महिला तीरंदाजों ने चीन को हराकर रचा इतिहास
महिला कंपाउंड तीरंदाजी के फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही मजबूत पकड़ बनाए रखी। चिकित्सा, प्रीतिका और ज्योति की तिकड़ी ने दबाव के बीच सटीक निशाने लगाते हुए चीन को 238-234 के अंतर से पराजित किया। मुकाबले के अंतिम चरण तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स के तीरंदाजी मुकाबलों में अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की निरंतरता और सटीक निशानेबाजी भारतीय टीम की जीत का सबसे बड़ा आधार बनी।
पुरुष कंपाउंड टीम ने भी पदक किया पक्का
भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम ने दक्षिण कोरिया को सेमीफाइनल में 236-229 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। साहिल, गणेश और कुशल की तिकड़ी ने मुकाबले के महत्वपूर्ण क्षणों में शानदार प्रदर्शन किया। दक्षिण कोरिया ने शुरुआती दौर में भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय तीरंदाजों ने लगातार 9 और 10 अंक बटोरकर बढ़त कायम रखी। अब फाइनल में भारत का सामना चीन से होगा। फाइनल में पहुंचने के साथ ही भारतीय पुरुष टीम ने कम-से-कम रजत पदक सुनिश्चित कर लिया है, जबकि खिलाड़ियों की नजर स्वर्ण पदक पर टिकी है।
शूटिंग में नीरू-कायनन की जोड़ी का जलवा
शूटिंग की ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में नीरू ढांडा और कायनन चेनाई ने शानदार तालमेल दिखाया। फाइनल राउंड में भारतीय जोड़ी ने 30 में से 26 निशाने सटीक लगाकर पहला स्थान हासिल किया। कतर की टीम 24 हिट के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि चीन 23 हिट के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गया। नीरू ने लगातार दूसरे दिन स्वर्ण पदक जीतकर अपनी शानदार लय बरकरार रखी। उनके प्रदर्शन ने भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।
पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत
इन सफलताओं के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 55 पहुंच गई है। इसमें 8 स्वर्ण, 21 रजत और 26 कांस्य पदक शामिल हैं। तीरंदाजी और शूटिंग में मिली इन उपलब्धियों ने भारतीय दल का आत्मविश्वास बढ़ाया है। आने वाली स्पर्धाओं में देश को खिलाड़ियों से और पदकों की उम्मीद है।











