
नीलांबर-पीतांबरपुर : नीलांबर-पीतांबरपुर प्रखंड के कुराइनपतरा पंचायत के सोंस गांव स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में मध्याह्न भोजन (MDM) के राशन के भुगतान को लेकर विवाद सामने आया है। दुकानदार राहुल साव ने प्रधानाध्यापक योगेंद्र मेहता पर ₹99,455 बकाया रखने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर ग्रामीण भी विद्यालय पहुंचे और बकाया भुगतान की मांग की।
दुकानदार का दावा-राशन दिया, अब तक नहीं मिला पैसा
राहुल साव के अनुसार, विद्यालय में मध्याह्न भोजन के लिए उनके द्वारा राशन उपलब्ध कराया गया था। इसके एवज में ₹99,455 की राशि अब तक नहीं मिली है। दुकानदार का कहना है कि वह लंबे समय से भुगतान की मांग कर रहे हैं।
पुरानी कमेटी के सदस्यों की मौत का भी जिक्र
दुकानदार ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन समिति में तत्कालीन दो लोग इस मामले से अवगत थे, लेकिन बाद में दोनों की मृत्यु हो गई। इसी दौरान उनके पुत्र की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें इलाज के लिए भीलोर जाना पड़ा।
हर माह ₹2 हजार देने की बात का आरोप
राहुल साव का आरोप है कि इसी दौरान गाड़ी पकड़कर रखने की बात सामने आई थी। उनका कहना है कि प्रधानाध्यापक की ओर से हर माह ₹2,000 देने की बात कही गई थी। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक बसंत विश्वकर्मा के मौजूद रहने की बात भी दुकानदार ने कही है।
ग्रामीण पहुंचे स्कूल, भुगतान की मांग
विवाद की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण भी विद्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक से दुकानदार का बकाया भुगतान करने की मांग की। इससे विद्यालय परिसर में कुछ देर तक मामले को लेकर चर्चा होती रही।
प्रधानाध्यापक बोले-भुगतान पहले ही हो चुका
वहीं, प्रधानाध्यापक योगेंद्र मेहता ने दुकानदार के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि राशि का भुगतान पहले ही किया जा चुका है। प्रधानाध्यापक ने पूरे मामले को रंजिश से जुड़ा बताते हुए आरोपों को बेबुनियाद बताया।
अब भुगतान के प्रमाण पर उठे सवाल
मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि भुगतान हो चुका है तो ₹99,455 के भुगतान का प्रमाण क्या है? वहीं, यदि राशि बकाया है तो अब तक भुगतान क्यों नहीं किया गया? दस्तावेजों और भुगतान संबंधी अभिलेखों की निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।












