
- खासमहल अंचल कार्यालय में मशीन का ट्रायल सफल, दुर्गापूजा के बाद उद्घाटन की तैयारी; जिले के किसी भी क्षेत्र के पात्र राशन कार्डधारक उठा सकेंगे अनाज
जमशेदपुर : राशन के लिए घंटों कतार में खड़े रहने और जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों पर निर्भर रहने की परेशानी जल्द खत्म हो सकती है। जमशेदपुर के खासमहल स्थित प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में झारखंड का पहला ग्रेन एटीएम यानी अन्न पूर्ति एटीएम स्थापित किया गया है। मशीन का ट्रायल सफल रहा है। अब इसके विधिवत उद्घाटन की तैयारी चल रही है। इसके शुरू होने से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ने और बिचौलियों की भूमिका पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
शुक्रवार को तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी में मशीन से गेहूं-चावल निकालने और अनाज का सटीक वजन जांचने का ट्रायल किया गया। फिलहाल मशीन की टेस्टिंग और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, दुर्गापूजा के बाद इसका उद्घाटन किया जाएगा।
अंगूठा लगाइए, मशीन से निकालिए राशन
ग्रेन एटीएम से राशन लेने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। लाभुक को सबसे पहले मशीन में अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर पहचान सत्यापित करनी होगी। सत्यापन पूरा होने पर टच स्क्रीन पर गेहूं या चावल का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद निर्धारित मात्रा में अनाज सीधे मशीन से लाभुक के बोरे में गिर जाएगा।
तकनीकी टीम के सदस्य आलोक कुमार के अनुसार, पूरी प्रक्रिया में लगभग 10 से 15 मिनट लगेंगे। इससे राशन वितरण की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित हो सकेगी।
किसी भी क्षेत्र के कार्डधारक उठा सकेंगे राशन
इस ग्रेन एटीएम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जिले के पात्र राशन कार्डधारक केवल अपनी निर्धारित डीलर दुकान तक सीमित नहीं रहेंगे। वे खासमहल पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशन उठा सकेंगे। इससे लाभुकों को सुविधा मिलने के साथ समय की बचत भी होगी।
हालांकि, मशीन से अनाज लेने की पात्रता, उपलब्ध मात्रा और वितरण से संबंधित नियमों के अनुसार ही राशन दिया जाएगा।
कालाबाजारी पर लगेगी लगाम?
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से इस आधुनिक मशीन को स्थापित किया गया है। स्वचालित वितरण और बायोमेट्रिक सत्यापन से अनाज वितरण का नियंत्रण बेहतर होने की उम्मीद है। इससे राशन वितरण में गड़बड़ी और खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक असर मशीन के नियमित संचालन और निगरानी व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और गार्ड
मशीन परिसर की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और सुरक्षा गार्ड तैनात रहेंगे। बिजली कटौती की स्थिति में मशीन का संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए बैकअप की व्यवस्था की जा रही है। शुरुआती दौर में लाभुकों की सहायता के लिए ऑपरेटर भी मौजूद रहेंगे।
रांची और धनबाद में भी लगाने की योजना
तकनीकी टीम के अनुसार, भारत सरकार की पहल पर देशभर में ऐसी करीब 32 मशीनें स्थापित की गई हैं। जमशेदपुर के बाद रांची, धनबाद सहित झारखंड के अन्य जिलों में भी ग्रेन एटीएम स्थापित करने की योजना है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी सुमित प्रकाश ने बताया कि फिलहाल मशीन की टेस्टिंग चल रही है। अनाज की मात्रा और वजन की नियमित जांच की जा रही है। सभी जरूरी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद दुर्गापूजा के बाद इसका विधिवत उद्घाटन किया जाएगा।
उद्घाटन कार्यक्रम में खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी और पोटका विधायक संजीव सरदार के शामिल होने की तैयारी है। मशीन शुरू होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लाभुकों को नियमित रूप से राशन मिल पाता है या नहीं और वितरण व्यवस्था में कितनी पारदर्शिता आती है।












