
सरायकेला : ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सियासत को लेकर हलचल तेज हो गई है। भाजपा में नए चेहरों के आने की चर्चाओं और संभावित दावेदारों के नाम सामने आने के बाद पार्टी के भीतर टिकट को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती दिखाई दे रही है।
हरेलाल के BJP में जाने की चर्चा तेज
आजसू के केंद्रीय महासचिव और ईचागढ़ से 2019 व 2024 में चुनाव लड़ चुके हरेलाल महतो ने 26 सितंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और केंद्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके साथ ईचागढ़, कुकड़ू, नीमडीह और चांडिल के प्रखंड अध्यक्षों के इस्तीफे की भी जानकारी सामने आई थी।
अब हरेलाल महतो के 11 अक्टूबर को भाजपा में शामिल होने की चर्चा तेज है। 3 अक्टूबर की एक स्थानीय रिपोर्ट में 11 अक्टूबर को सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम की बात कही गई है। हालांकि, कार्यक्रम और आगे की राजनीतिक भूमिका से जुड़ी आधिकारिक जानकारी को पार्टी की घोषणा से ही अंतिम माना जाना चाहिए।
खगेन और अंकुर के नाम की भी चर्चा
इधर ईचागढ़ में खगेन महतो और अंकुर सिंह के नाम को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। इससे भाजपा के संभावित दावेदारों का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है।
हालांकि, इन नामों को लेकर अंतिम टिकट या औपचारिक राजनीतिक घोषणा अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में फिलहाल इन चर्चाओं को संभावित दावेदारी के तौर पर ही देखा जा रहा है।
BJP में टिकट की रेस हुई दिलचस्प
ईचागढ़ में भाजपा के भीतर पहले से कई स्थानीय नेताओं के नाम दावेदारी को लेकर चर्चा में हैं। ऐसे में नए नेताओं की संभावित एंट्री के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्टी टिकट के लिए किन चेहरों पर विचार करती है।
एक तरफ पुराने संगठनात्मक कार्यकर्ता और स्थानीय दावेदार हैं, तो दूसरी तरफ दूसरे दलों से आने वाले चर्चित चेहरे। यही वजह है कि ईचागढ़ में भाजपा की अंदरूनी राजनीति पर सबकी नजर है।
2024 का चुनावी आंकड़ा भी अहम
2024 के विधानसभा चुनाव में जेएमएम की सविता महतो को 77,552 वोट मिले थे, जबकि आजसू के हरेलाल महतो 51,029 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। निर्दलीय तरुण महतो को 41,138 वोट मिले थे। खगेन महतो को 2,332 वोट मिले थे।
इन आंकड़ों के बीच हरेलाल महतो का संभावित दल परिवर्तन और भाजपा में नए चेहरों की चर्चा ईचागढ़ के आगामी राजनीतिक समीकरण को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है।
पुराने कार्यकर्ताओं के सामने भी सवाल
भाजपा में यदि लगातार नए राजनीतिक चेहरे जुड़ते हैं तो संगठन में लंबे समय से काम कर रहे कार्यकर्ताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। टिकट की घोषणा के बाद पार्टी किस तरह पुराने संगठन और नए राजनीतिक चेहरों के बीच संतुलन बनाती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
जनता की नजर मुद्दों पर भी
ईचागढ़ की राजनीति में चांडिल डैम विस्थापन, रोजगार, सड़क, शिक्षा और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहे हैं। हरेलाल महतो स्वयं चांडिल डैम विस्थापितों की मांगों को लेकर सक्रिय रहे हैं।
फिलहाल ईचागढ़ में दल-बदल, संभावित नए चेहरे और टिकट की दावेदारी, तीनों मुद्दों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। भाजपा की ओर से अंतिम उम्मीदवार को लेकर आधिकारिक फैसला आने के बाद तस्वीर और साफ होगी।











