रांची: झारखंड सरकार की ओर से JPSC और JSSC से संबंधित कुछ परीक्षाओं तथा इनके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द किए जाने के फैसले ने कानूनी मोर्चा खोल दिया है। सरकारी आदेश से प्रभावित अभ्यर्थियों और कर्मचारियों ने अब झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामले में अब तक तीन अलग-अलग याचिकाएं दाखिल होने की जानकारी सामने आई है।
इन याचिकाओं के जरिए सरकार के उस निर्णय पर सवाल उठाए गए हैं, जिसके तहत संबंधित परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को निरस्त करने का आदेश दिया गया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से मामले में जल्द सुनवाई के लिए अदालत के समक्ष मेंशन किए जाने की तैयारी है। ऐसे में अब निगाहें हाईकोर्ट के रुख पर टिकी हैं।
अवधेश कुमार समेत तीन लोगों ने दाखिल की याचिका
जानकारी के मुताबिक अवधेश कुमार समेत तीन प्रभावित लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। तीनों मामलों में सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए नियुक्तियों और परीक्षाओं को रद्द करने के आदेश पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और पीयूष चित्रेश अदालत में पक्ष रखेंगे। जल्द सुनवाई की अनुमति मिलने पर सरकार के आदेश को लेकर अदालत में विस्तृत दलीलें रखी जा सकती हैं।
नियुक्तियों पर फैसले से बढ़ी बेचैनी
सरकार के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जिन लोगों की नियुक्तियां संबंधित परीक्षाओं के आधार पर हुई हैं, उनके भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यही वजह है कि प्रभावित पक्ष अब न्यायिक रास्ते का सहारा ले रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी भी मामले में कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में हाईकोर्ट में इस विवाद से जुड़ी और याचिकाएं दाखिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
आज के मेंशन पर टिकी नजर
फिलहाल सबसे अहम घटनाक्रम तीनों याचिकाओं की जल्द सुनवाई को लेकर होने वाला मेंशन है। यदि हाईकोर्ट शीघ्र सुनवाई की अनुमति देता है, तो सरकार के फैसले पर न्यायिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सकती है। अदालत का शुरुआती रुख इस पूरे मामले की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



