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रांची: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की पार्किंग में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए चोरों ने एक बार फिर सेंधमारी की है। इस बार चोरों ने पार्किंग परिसर में बने मुख्य सर्वर बूथ को निशाना बनाया। वहां से इन्वर्टर, दो कंप्यूटर, हैंड मशीन, डीवीआर, सीसीटीवी कैमरे और बड़ी मात्रा में केबल वायर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी कर लिए गए। घटना का खुलासा उस वक्त हुआ, जब सुबह कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे और सर्वर बूथ के अंदर सामान गायब मिला।
उपकरणों की जांच के बाद पार्किंग प्रबंधन की ओर से मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पार्किंग मैनेजर अविनाश चंद्र तिवारी ने घटना को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सर्वर बूथ से सामान गायब मिलने के बाद कर्मचारियों ने पार्किंग परिसर और आसपास के इलाकों में छानबीन की, लेकिन चोरी हुए उपकरणों का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरों ने परिसर में प्रवेश करने के लिए किस रास्ते का इस्तेमाल किया था और वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए।

सीसीटीवी फुटेज से सुराग तलाश रही पुलिस
घटना की जांच में पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय पार्किंग परिसर में कौन-कौन लोग मौजूद थे। फुटेज में संदिग्ध गतिविधि या किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान होने पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है।

मार्च में भी हुई थी चोरी
एयरपोर्ट पार्किंग में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 19 मार्च को भी इसी परिसर में चोरी हुई थी। उस दौरान इलेक्ट्रॉनिक सामान, नकदी और केबल वायर सहित कई सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। अब तक उस मामले में भी पुलिस चोरों तक नहीं पहुंच सकी है और चोरी गए सामान की बरामदगी नहीं हो पाई है।

एक ही जगह दो बार चोरी से सुरक्षा पर सवाल
कम समय के अंतराल में एयरपोर्ट पार्किंग में दो बार चोरी की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील परिसर में सर्वर, सीसीटीवी, डीवीआर और अन्य तकनीकी उपकरणों की सुरक्षा बेहद अहम है। ऐसे में लगातार चोरी की घटनाएं प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।
पुलिस अब ताजा चोरी के साथ मार्च में हुई वारदात को भी जोड़कर जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों घटनाओं में किसी एक ही गिरोह की भूमिका है या अलग-अलग अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया।

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