जमशेदपुर: संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के पावन अवसर पर झारखंड प्रदेश यूथ इंटक के अध्यक्ष सत्यम सिंह के नेतृत्व में एक सराहनीय सामाजिक पहल की गई। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के तहत पिछड़े वर्ग के बच्चों के बीच पठन-पाठन सामग्री का वितरण किया गया। साथ ही बच्चों और उनके अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सत्यम सिंह ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा हासिल कर समाज में व्याप्त भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़ी और देश को एक मजबूत संविधान दिया।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में महंगाई बढ़ने के बावजूद अभिभावकों का यह कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाएं। यही बाबा साहेब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को शिक्षित और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने की अपील की।
सत्यम सिंह ने आगे कहा कि जब समाज का हर वर्ग शिक्षित होगा, तभी समानता, स्वतंत्रता और न्याय पर आधारित बाबा साहेब का सपना साकार होगा।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरे माहौल में प्रेरणा और उत्साह का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर पारस मुखी, शुभम मुखी, रोशन मुखी, महेश मुखी, नितिन मुखी, देवराज मुखी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।



