
चाईबासा रिपोर्टर
पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत सारंडा क्षेत्र के 18 गांवों के बेरोजगार युवाओं ने रोजगार की मांग को लेकर 17 अप्रैल शाम करीब पांच बजे गुवा स्थित सेल प्रबंधन के जनरल ऑफिस के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन सारंडा पीढ़ मानकी लागुड़ा देवगम की अध्यक्षता में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन तथा विभिन्न गांवों के मुंडा-मानकी के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सेल प्रबंधन के साथ बैठक कर अपनी प्रमुख मांगों को विस्तार से रखा। बैठक में 18 गांवों के स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने, गुवा सेल में कार्यरत ठेका मजदूरों को समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने, ठेका मजदूरों की बहाली प्रक्रिया की जांच कराने तथा बाहरी क्षेत्रों—जैसे किरीबुरू,बड़ाजामदा, नोवामुंडी, झींकपानी आदि—के लोगों की बहाली को निरस्त कर स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही रिट्रेंचमेंट के बकाया भुगतान को अविलंब देने की भी मांग रखी गई। इस पर सेल प्रबंधन ने सभी मांगों पर विचार करने के लिए दो दिनों का समय मांगा। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि 19 अप्रैल को 18 गांवों के मुंडा-मानकी को आमंत्रित कर एक त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया कि बहाली में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी और बाहरी लोगों की नियुक्ति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की दिशा में भी पहल करने का आश्वासन दिया गया। वहीं, बैठक के बाद झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन के पदाधिकारियों एवं मुंडा-मानकी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 21 अप्रैल को चाईबासा स्थित एएलसी कार्यालय में त्रिपक्षीय बैठक की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सेल प्रबंधन की होगी।
इस मौके पर सारंडा पीढ़ मानकी लागुड़ा देवगम, जोजोगुटू गांव के मुंडा कानुराम देवगम, गुवासाई के मुंडा मंगल पूर्ति, ठाकुरा गांव के समाजसेवी प्रशांत चाम्पिया, बबलू चाम्पिया, संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे, महामंत्री अंतरयामी महाकुड़, राजेश यादव, संजू गोच्छाईत, रोहित पांडे, रितेश पाणिग्राही सहित बड़ी संख्या में ठेका मजदूर एवं ग्रामीण उपस्थित थे।