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अक्षर संवाद, जमशेदपुर

फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में फ्रांस का लगातार तीसरी बार फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया। मंगलवार को एटी एंड टी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में स्पेन ने दमदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल कर लिया। पूरे मैच में स्पेन ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस के स्टार खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। मैच की शुरुआत दोनों टीमों ने आक्रामक अंदाज में की, लेकिन 22वें मिनट में फ्रांस की एक रक्षात्मक गलती भारी पड़ गई। युवा खिलाड़ी लामिने यमाल पर पेनल्टी बॉक्स के अंदर फाउल होने के बाद स्पेन को पेनल्टी मिली। मिकेल ओयरजबल ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए गोल दागा और टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी।

पहले हाफ में पिछड़ने के बाद फ्रांस ने वापसी की कोशिश की, लेकिन स्पेन की मजबूत डिफेंस लाइन के सामने उसकी एक नहीं चली। दूसरे हाफ के 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने डानी ओल्मो के साथ शानदार मूव बनाकर दूसरा गोल कर फ्रांस की उम्मीदों पर लगभग विराम लगा दिया। इसके बाद लामिने यमाल का एक और गोल ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिया गया। किलियन एमबापे की अगुवाई वाली फ्रांस की टीम पूरे मुकाबले में प्रभाव छोड़ने में असफल रही। स्पेन की रक्षापंक्ति ने उन्हें गोल करने का कोई बड़ा मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ स्पेन ने लगातार तीसरी बार किसी बड़े टूर्नामेंट में फ्रांस को हराने का कारनामा भी दोहराया। अब स्पेन की टीम रविवार को मेटलाइफ स्टेडियम में खेले जाने वाले फाइनल में अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से भिड़ेगी। स्पेन 2010 के बाद पहली बार विश्व कप फाइनल में पहुंचा है और उसके पास दूसरा विश्व कप खिताब जीतने का सुनहरा मौका होगा।

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