
राजस्व एवं भूमि मामलों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने लंबित दाखिल-खारिज, परिमार्जन, सीमांकन, अतिक्रमण और अन्य लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों से जुड़े मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने तथा नियमित फील्ड निरीक्षण के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। बोड़ाम प्रखंड परिसर के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यालय परिसर में स्थित जर्जर भवन का भी निरीक्षण किया और उसकी आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने कार्यालयों में अभिलेखों के रखरखाव, साफ-सफाई, नागरिक सुविधाओं और कार्य संस्कृति की भी समीक्षा की। उपायुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आम लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने तथा उनकी शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस मौके पर अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी सहित संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचल अधिकारी (सीओ) भी मौजूद रहे।