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खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले में तजना नदी किनारे मिले महिला और उसके पड़ोसी के शव मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, यह हत्या किसी लूट या आपराधिक गिरोह का मामला नहीं, बल्कि पति-पत्नी के विवाद का खूनी अंजाम था। पत्नी की हत्या की साजिश उसके पति ने अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी। इस दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग ने बुधवार को प्रेसवार्ता में बताया कि मामले के खुलासे के लिए एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुमला जिले के करंज थाना क्षेत्र के डुडिया गांव निवासी कुंदन प्रमाणिक उर्फ संजित, जितेंद्र सिंह, रितेश चीक बड़ाईक, मदन प्रमाणिक तथा रांची जिले के बुंडू थाना क्षेत्र के बिरसा चौक निवासी विजय रंजन शर्मा और उसकी पत्नी सती को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो लोहे के रॉड, एक स्कॉर्पियो वाहन, आरोपियों का चप्पल, जलाए गए कपड़ों की राख, दो मोबाइल फोन, मृतका की सैंडल, मृतक की मोटरसाइकिल तथा दोनों मृतकों के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि मृतका नेहा देवी का पति कुंदन प्रमाणिक ही इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता है। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और दोनों के बीच तलाक का मामला कोर्ट में लंबित था। नेहा देवी ने पति के खिलाफ गुजारा भत्ता का मुकदमा भी दर्ज कराया था, जिससे कुंदन नाराज था। पुलिस के मुताबिक, नेहा देवी अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए अपने बच्चे को लेने पड़ोसी अरुण कुमार राणा के साथ करंज स्थित ससुराल जा रही थी। कुंदन को इसकी पहले से जानकारी थी। उसने अपने भाई और अन्य साथियों के साथ मिलकर रास्ते में दोनों को रोक लिया और लोहे के रॉड से हमला कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से दोनों के शव खूंटी थाना क्षेत्र के घाघरा स्थित तजना नदी किनारे फेंक दिए गए। एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।

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