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पलामू: हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती के साथ कथित छेड़खानी के मामले में न्यायालय के आदेश के बाद करीब डेढ़ साल बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में उसी गांव के एक युवक समेत अन्य को आरोपी बनाया गया है। घटना दिसम्बर 2024 की है, जब युवती के साथ छेड़खानी और मारपीट की गई थी।
प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता ने घटना के संबंध में स्थानीय पुलिस एवं एसपी से शिकायत की थी। आरोप है कि युवक ने उसके साथ छेड़खानी की और इस दौरान अन्य लोग भी कथित तौर पर मौके पर मौजूद थे। शिकायत के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। पीड़िता ने घटना के एक महीना बाद न्यायालय में शिकायत वाद दायर किया था। इस मामले में गत 3 जुलाई को आदेश पारित हुआ। न्यायालय के आदेश के आलोक में पुलिस ने अब भारतीय न्याय संहिता( बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत 17अगस्त को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की पुलिस के द्वारा जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में हुसैनाबाद पुलिस पर सवाल उठने लगा है कि आखिर पीड़िता की शिकायत पर दिसंबर 2024 में ही मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया? अगर यह भी मान लिया जाए कि शिकायत झूठी ही थी, फिर भी थाना पुलिस का कार्य शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच रिपोर्ट न्यायालय में देना है। झूठ या सच का तो अंतिम फैसला तथ्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय को ही करना है।

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