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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में देश को संबोधित करते हुए मौजूदा वैश्विक हालात के बीच एकजुट रहने और सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत पहले भी कठिन परिस्थितियों का मजबूती से सामना कर चुका है और इस बार भी धैर्य, संयम और शांत मन से चुनौतियों का मुकाबला करना होगा।
प्रधानमंत्री ने COVID-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय देश ने जिस एकजुटता का परिचय दिया था, उसी भावना के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि संकट के समय कुछ लोग झूठी खबरें फैलाने की कोशिश करते हैं, ऐसे तत्वों से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
पीएम मोदी ने सभी राज्य सरकारों से भी अपील की कि वे कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रधानमंत्री ने विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बाद अब तक 3.72 लाख से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि Iran से भी करीब 1000 भारतीय लौटे हैं, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल हैं।
शिक्षा को लेकर भी सरकार सतर्क है। प्रधानमंत्री ने बताया कि Central Board of Secondary Education (CBSE) ने खाड़ी देशों में संचालित भारतीय स्कूलों की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि संकट की इस घड़ी में देश की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर हर चुनौती का सामना किया जाएगा।
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