Spread the love

सूचना के अधिकार को आम जनता तक पहुंचाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत लड़ाई छेड़ने के उद्देश्य से आरटीआई कार्यकर्ता संघ की केन्द्रीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज जमशेदपुर परिसदन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष दिल बहादुर ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए दिल बहादुर ने कहा कि “सूचना का अधिकार कानून का उद्देश्य हर नागरिक तक पारदर्शिता पहुंचाना है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा मुख्य सूचना आयुक्त, सूचना आयुक्त, लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग और महिला आयोग जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर अब तक नियुक्ति नहीं की गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का भी पालन नहीं कर रही है, जो संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 14 अप्रैल तक इन पदों पर नियुक्ति नहीं की गई, तो दिल्ली स्थित संसद भवन के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा और राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आरटीआई कार्यकर्ताओं को मिल रही धमकियों और प्रशासन की निष्क्रियता के खिलाफ उच्च न्यायालय में रिट और जनहित याचिका दायर की जाएगी। इसके लिए सदन कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें कृतिवास मंडल, दिनेश कर्मकार, ऋषेंदु केशरी, सुनील मुर्मू और सुशेन गोप को शामिल किया गया है।
इसके अलावा, संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और चाईबासा जिला समितियों का 31 मई तक पुनर्गठन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए विभिन्न पदाधिकारियों को जिला प्रभार सौंपे गए हैं।

 

Exit mobile version