
हादसे की सूचना मिलते ही बिरसानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही यह जांच शुरू कर दी गई है कि किशोर निर्माणाधीन इमारत के ऊपरी तल तक कैसे पहुंचा और घटना किन परिस्थितियों में हुई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भवन में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। सीढ़ियों और ऊपरी मंजिलों पर न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही किसी तरह की घेराबंदी है, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से अंदर प्रवेश कर सकता है। लोगों ने प्रशासन से निर्माणाधीन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।