
नीलाम्बर-पिताम्बरपुर: तरहसी प्रखंड के सेलारी पंचायत भवन के समीप बहने वाले बहेरा खाला के टेढ़वा नाला पर ग्रामीणों के श्रम और सहयोग से बनाया गया पुल दो दिनों की लगातार बारिश के बाद तेज बहाव में बह गया। पुल के बह जाने से करीब 100 घरों के लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के सामने एक बार फिर आवाजाही की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, टेढ़वा नाला पर पुल नहीं होने के कारण वे वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं। बरसात के दिनों में नाला उफान पर आने के बाद आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। लोगों ने कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय विधायक के समक्ष पुल निर्माण की मांग रखी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
चंदा जुटाकर ग्रामीणों ने बनाया था पुल
लगातार उपेक्षा से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार आपसी सहयोग से चंदा जुटाया और अपने श्रम से सड़क एवं पुल बनाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने उपलब्ध संसाधनों के जरिए नाला पार करने के लिए रास्ता तैयार किया था, जिससे आसपास के करीब 100 घरों के लोगों को आवागमन में राहत मिल रही थी।
ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता ने भी अपने स्तर से निजी राशि खर्च कर रास्ते में मिट्टी-मोरम डलवाया था। लेकिन दो दिनों की तेज बारिश के बाद नाले में पानी का बहाव बढ़ गया और मिट्टी-मोरम के साथ ग्रामीणों द्वारा तैयार किया गया पुल भी बह गया।
स्थायी पुल निर्माण की मांग
पुल बह जाने के बाद ग्रामीणों को अब आवागमन के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। खासकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को नाला पार करने में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से टेढ़वा नाला पर जल्द स्थायी पुल निर्माण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में उन्हें इसी समस्या से जूझना पड़ता है। यदि यहां स्थायी पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।