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जमशेदपुर: स्वर्णरेखा और खरकई नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन दोनों नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसे देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने नदी तटीय और डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने जलजमाव वाले क्षेत्रों में तत्काल जल निकासी, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं।

उपायुक्त के निर्देश पर शास्त्रीनगर, रामजनमनगर, बागबेड़ा समेत अन्य प्रभावित इलाकों में जुस्को के सहयोग से मोटर पंप लगाकर पानी निकालने की व्यवस्था की जा रही है। नगर निकायों को निर्देश दिया गया है कि जलजमाव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी करें और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त मशीनरी एवं संसाधन उपलब्ध कराएं, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द राहत मिल सके।

आश्रय स्थलों में जरूरी सुविधाएं रखने के निर्देश

संभावित रूप से प्रभावित लोगों के लिए चिन्हित आश्रय स्थलों को भी तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति, जुगसलाई नगर परिषद और मानगो नगर निगम के अधिकारियों से कहा गया है कि आश्रय स्थलों पर भोजन, पेयजल, फर्स्ट एड, प्रकाश, स्वच्छता समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें।

पानी निकलने के बाद सफाई और फॉगिंग पर जोर

जिन इलाकों से पानी निकल चुका है या जलजमाव कम हो गया है, वहां युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और फॉगिंग कराने को कहा गया है। जलजमाव के बाद गंदगी और मच्छरों के प्रजनन की संभावना को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वच्छता एवं मच्छररोधी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रहने के निर्देश

प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। लोगों से जलजमाव के बाद आसपास की स्वच्छता बनाए रखने, दूषित पानी के सेवन से बचने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई है।

नदी किनारे रहने वालों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। उपायुक्त राजीव रंजन ने डूब क्षेत्र और नदी तटीय इलाकों के लोगों से कहा है कि वे जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी तरह का जोखिम न लें। जरूरत पड़ने पर प्रशासन द्वारा चिन्हित आश्रय स्थलों या सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। नदी, नाला और जलजमाव वाले क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने तथा प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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