घटना के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी करण सिंह उर्फ जसकरण सिंह और उसके साथी मनदीप सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों की निशानदेही पर एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा और घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर बाइक बरामद की गई। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गिरोह के तीसरे सदस्य रोमी सिंह उर्फ सरदार को भी दबोच लिया। उसकी तलाशी में एक और देसी कट्टा तथा तीन जिंदा कारतूस मिले। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी करण सिंह उर्फ जसकरण सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट सहित करीब 15 आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। वहीं मनदीप सिंह पर भी हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर मामलों में चार केस दर्ज हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की पहचान कर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इस गिरफ्तारी को शहर में सक्रिय रंगदारी गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।


