
जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में महिलाओं, युवकों और ग्रामीणों ने प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भीषण गर्मी में पानी की सप्लाई बंद रहने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
जानकारी के अनुसार, गोविंदपुर जलापूर्ति योजना पिछले 48 घंटों से बंद पड़ी है, जिससे करीब 22 हजार परिवार प्रभावित हैं। लगभग डेढ़ लाख की आबादी पीने के पानी के संकट से जूझ रही है। लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गर्मी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जिले के अधिकारी पूरी तरह संवेदनहीन बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पीएचईडी और बिजली विभाग के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जबकि आम जनता भारी परेशानी झेल रही है। डॉ. परितोष सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।