Spread the love

महुआ के लिए जंगलों में ‌आग लगा रहे असामाजिक तत्व—हरिचरण सांडिल

गर्मी की शुरुआत होते ही एक बार फिर जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। गुवा से बड़ाजामदा जाने वाले रास्ते के किनारे स्थित जंगलों में असामाजिक तत्वों द्वारा आग लगा दी जा रही है, जिससे वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। इस संदर्भ में भाजपा जिला उपाध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, चाईबासा के हरिचरण सांडिल ने सारंडा वन क्षेत्र की हो रही हानि पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने क्षेत्र के ग्रामीणों को वन विभाग की ओर से लगातार जंगल में आग नहीं लगाने के लिए जागरूक किया है। इसके बावजूद कुछ आसामाजिक तत्वों के द्वारा आग लगा दी जा रही है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष,


अनुसूचित जनजाति मोर्चा, चाईबासा के हरिचरण सांडिल ने स्पष्ट किया है कि लोग महुआ चुनने में आसानी के लिए जंगलों में आग लगा देते हैं। दूसरी तरफ वन विभाग के कर्मियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में अक्सर लोग जमीन पर गिरे हुए महुआ को साफ देखने के लिए सूखे पत्तों में आग लगा देते हैं, जिससे आग तेजी से फैल जाती है। जंगल में आग लगने से पेड़-पौधों के साथ-साथ कई दुर्लभ जीव-जंतु भी इसकी चपेट में आ जाते हैं, जिससे वन्यजीवों को भारी नुकसान होता है। वन विभाग के अनुसार जैसे ही जंगल में आग लगने की सूचना मिलती है, वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के कार्य में जुट जाती है। साथ ही विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगलों को आग से बचाने में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की आग लगने की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।

सिद्धार्थ पाण्डेय चाईबासा

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version