
जमशेदपुर: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग (CCRT) की ओर से गुवाहाटी में आयोजित सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की गौरवपूर्ण झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से चयनित शिक्षकों ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया।
प्रतिभागियों ने भगवान बिरसा मुंडा की धरती झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, लोक कला, पारंपरिक नृत्य-गीत, वेशभूषा, खान-पान, हस्तशिल्प, प्रकृति और जनजातीय जीवन की सादगी को देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों के सामने प्रस्तुत किया। इस दौरान झारखंड की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं की खूब सराहना हुई।
कार्यक्रम का उद्देश्य देश के अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति, कला और परंपराओं को एक-दूसरे से जोड़ना और प्रतिभागियों को इनके बारे में जानने-समझने का अवसर प्रदान करना था। विभिन्न राज्यों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी-अपनी संस्कृति और लोक परंपराओं को साझा किया।
गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए नरेंद्रनाथ ठाकुर (देवघर), डॉ. प्रियंका झा (प्रधानाध्यापिका, प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय, पटमदा, पूर्वी सिंहभूम), विनय कुमार दास (दुमका) और दीपक कुमार (पलामू) का चयन किया गया था। प्रतिभागियों ने झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिक्षकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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