
चित्तौड़गढ़ : राजस्थान में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चित्तौड़गढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रकों से कुल 18 क्विंटल 39 किलो 670 ग्राम गांजा बरामद करते हुए सात कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर इस तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
पेंट की बाल्टियों और पौधों के बीच छिपाए पैकेट
पुलिस के अनुसार, तस्करों ने जांच से बचने के लिए गांजे को अलग-अलग सामान के बीच बेहद चालाकी से छिपाया था। दो ट्रकों में एशियन पेंट की कलर बाल्टियां रखी गई थीं, जबकि तीसरे ट्रक में नर्सरी के पौधे लदे थे। इन्हीं सामानों की आड़ में गांजे के पैकेट छिपाकर ले जाए जा रहे थे। तीनों वाहनों की गहन तलाशी लेने पर पुलिस को 59 कट्टों में रखे 515 पैकेट मिले। जांच करने पर इन पैकेटों में गांजा पाया गया। इसके बाद पुलिस ने तीनों ट्रकों को जब्त कर लिया।
नाकाबंदी देखकर भागने का प्रयास
पुलिस टीम नीमच-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान सदर निम्बाहेड़ा थाना क्षेत्र के अहेरीपुरा के पास तीन 12 चक्का ट्रक आते दिखाई दिए। पुलिस का दावा है कि नाकाबंदी देखकर ट्रकों में सवार लोगों ने वाहन लेकर भागने का प्रयास किया। सतर्क पुलिस टीम ने पीछा कर तीनों ट्रकों को रोक लिया। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में गांजा मिलने के बाद ट्रकों में सवार सभी सात लोगों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
तीन राज्यों की सीमा पार कर पहुंची खेप
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गांजे की यह खेप लगभग 1500 किलोमीटर का सफर तय कर तीन राज्यों की सीमाएं पार करते हुए राजस्थान पहुंची थी। हालांकि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था, इसकी विस्तृत जांच अभी जारी है।
सात आरोपियों से पूछताछ जारी
गिरफ्तार लोगों में जगदीश जाट, सुरेश रेगर, बंगीलाल जाट, राजकुमार उर्फ राजू मेवाड़ा, कलाल, सद्दाम शेख, राजमल उर्फ राजू जाट और दिनेश लोहार शामिल बताए गए हैं। पुलिस आरोपियों के मोबाइल, संपर्क सूत्रों और यात्रा मार्ग की पड़ताल कर रही है। साथ ही गांजे के स्रोत, खरीदारों तथा इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।











