
जमशेदपुर : गोलमुरी बाजार में लगातार डकैती और चोरी की घटनाओं के विरोध में शनिवार को व्यापारियों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। सुरक्षा व्यवस्था से नाराज बाजार समिति से जुड़े दुकानदारों ने अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं। बाजार की 300 से अधिक दुकानें बंद रहने से पूरे क्षेत्र में कारोबार प्रभावित रहा। व्यापारियों ने एकजुट होकर बाजार में घूम-घूमकर नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
दुकानें बंद कर व्यापारियों ने जताया विरोध
शनिवार को सुबह से ही गोलमुरी बाजार में व्यापारियों के बीच सुरक्षा को लेकर नाराजगी देखने को मिली। दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानें नहीं खोलीं और बाजार समिति के बैनर तले एकजुट होकर विरोध जताया। व्यापारियों का कहना है कि चोरी और डकैती की घटनाओं ने दुकानदारों के बीच असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।
व्यापारियों ने कहा कि दुकान बंद कर विरोध करना उनकी मजबूरी है। कारोबार करने वाले दुकानदार दिनभर दुकान में रहते हैं और रात में दुकान बंद कर घर जाते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं से उन्हें अपने कारोबार और सुरक्षा दोनों की चिंता सताने लगी है।
बाजार में घूम-घूमकर की नारेबाजी
विरोध के दौरान व्यापारी समूह बनाकर बाजार के विभिन्न हिस्सों में पहुंचे। इस दौरान नारेबाजी करते हुए प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की गई। व्यापारियों ने कहा कि बाजार में पुलिस की गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और चोरी-डकैती की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।
व्यापारियों का कहना है कि 300 से अधिक दुकानों वाले गोलमुरी बाजार में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही का असर दुकानदारों के साथ ग्राहकों पर भी पड़ सकता है।
सुरक्षा नहीं सुधरी तो आंदोलन होगा तेज
व्यापारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि बाजार की सुरक्षा व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ और आपराधिक घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी सुरक्षा और कारोबार की रक्षा के लिए आगे भी सामूहिक रूप से आवाज उठाएंगे।
बाजार बंद रहने से शनिवार को गोलमुरी में सामान्य दिनों की तुलना में कारोबार पूरी तरह ठप रहा। व्यापारियों के इस सामूहिक विरोध ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब व्यापारियों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।












