
रांची : राजधानी के रातू थाना क्षेत्र में करम पूजा से घर लौट रही 19 वर्षीय आदिवासी युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना 22 सितंबर की रात की बताई जा रही है। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
सुनसान स्थान पर ले जाने का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, युवती करम पूजा में शामिल होने के बाद अपने घर लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में कुछ अज्ञात युवकों ने उसे रोक लिया और जबरन एक सुनसान स्थान की ओर ले गए। वहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर आरोपियों ने कथित रूप से युवती के साथ मारपीट भी की। घटना के बाद आरोपी पीड़िता का मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। युवती के चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट लगने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित पहलुओं की जांच प्रारंभ कर दी है।
परिजनों के साथ थाने पहुंची पीड़िता
घटना के बाद पीड़िता शुक्रवार को अपने परिजनों के साथ रातू थाना पहुंची और अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। मामले की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी के निर्देश पर पुलिस की टीम सक्रिय हुई। अवर निरीक्षक प्रियंका कुमारी ने पीड़िता की निशानदेही पर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास रहने वाले लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय क्षेत्र में कौन-कौन लोग मौजूद थे और आरोपियों ने भागने के लिए किस रास्ते का इस्तेमाल किया।
सदर अस्पताल में कराई गई मेडिकल जांच
अनुसंधानकर्ता अवर निरीक्षक विनीत राय पीड़िता को सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी मेडिकल जांच कराई गई। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। पीड़िता का बयान न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष भी दर्ज कराने की प्रक्रिया की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी जा रही है। तकनीकी जांच की सहायता से भी संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की पहचान होते ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता की पहचान को कानून के अनुसार पूरी तरह गोपनीय रखा गया है।











