
नई दिल्ली : अमेरिका की प्रतिष्ठित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय की एक पूर्व छात्रा ने सात छात्रों पर नशीला पदार्थ देकर उसके साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने विश्वविद्यालय प्रशासन और आरोपी छात्रों के खिलाफ दीवानी मुकदमा दायर किया है। मामला अदालत पहुंचने के बाद पुलिस ने भी इसकी जांच दोबारा शुरू कर दी है।
वर्ष 2024 की बताई जा रही घटना
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कथित घटना वर्ष 2024 में कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से जुड़े ‘काई फाई’ फ्रेटरनिटी हाउस में हुई थी। अदालती दस्तावेजों में पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने के लिए उसे ‘जेन डो’ नाम दिया गया है। घटना के समय उसकी उम्र करीब 20 वर्ष थी और वह यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी। शिकायत में आरोप है कि पीड़िता अपने एक परिचित से मिलने फ्रेटरनिटी हाउस गई थी। वहां कथित रूप से उस पर नशीला पदार्थ लेने का दबाव बनाया गया। इसके बाद उसकी सहमति के बिना कई घंटों तक उसके साथ यौन हिंसा की गई।
चैट ग्रुप के संदेश बने अहम साक्ष्य
अदालत में दाखिल याचिका के अनुसार, जब पीड़िता अचेत अवस्था में थी, तब एक आरोपी ने छात्रों के स्नैपचैट ग्रुप में कथित रूप से आपत्तिजनक संदेश पोस्ट किया। आरोप है कि उस संदेश के बाद अन्य छात्र भी कमरे में पहुंचे। शिकायत में कहा गया है कि इस चैट के स्क्रीनशॉट साक्ष्य के तौर पर अदालत में जमा किए गए हैं। पीड़िता ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और घटना को रोकने में प्रशासन विफल रहा।
आंतरिक कार्रवाई पर उठे सवाल
पीड़िता ने घटना के करीब तीन सप्ताह बाद यूनिवर्सिटी पुलिस के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उसके वकील के अनुसार, संस्थान ने आंतरिक जांच की, लेकिन सात में से केवल दो छात्रों को निष्कासित किया गया। अन्य छात्रों को कथित तौर पर निलंबन, कार्यशाला में भाग लेने या निबंध लिखने जैसी कार्रवाई के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस ने उस समय किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया था।
पुलिस ने दोबारा शुरू की जांच
मामले पर नए सिरे से बहस शुरू होने के बाद टॉम्पकिन्स काउंटी के अभियोजक कार्यालय ने पुरानी पुलिस जांच की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों के अनुसार, पहले उपलब्ध साक्ष्य आपराधिक धाराओं में मामला आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त नहीं माने गए थे। अब प्रकरण की दोबारा जांच की जा रही है। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी का कहना है कि संबंधित फ्रेटरनिटी को परिसर से प्रतिबंधित किया जा चुका है। वहीं, फ्रेटरनिटी के राष्ट्रीय मुख्यालय ने आरोपों को बेहद चिंताजनक बताते हुए कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करने की बात कही है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत और जांच एजेंसियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।












