
पलामू : नीलांबर-पीतांबरपुर (लेस्लीगंज) थाना क्षेत्र के एकता जंगल से बरामद पंकज उरांव के शव से जुड़े मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, इस वारदात की कथित साजिश मृतक की पत्नी ने अपने पिता और अन्य लोगों के साथ मिलकर रची थी। हत्या के बदले 10 लाख रुपये की सुपारी दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। मामले में मृतक की पत्नी समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जंगल में मिला था अज्ञात शव
पुलिस के मुताबिक, 23 सितंबर की सुबह एकता जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू करते हुए शव की तस्वीर और उससे संबंधित जानकारी जिले के सभी थानों को भेजी। इसी दौरान पता चला कि पाटन थाना क्षेत्र के बंजारी गांव का रहने वाला पंकज उरांव 19 सितंबर से लापता था। परिजनों को बुलाकर पहचान कराई गई, जिसके बाद शव की शिनाख्त पंकज उरांव के रूप में हुई। मृतक के पिता ने उसकी पत्नी अनिमा कुमारी तथा उसके मायके पक्ष के लोगों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। इस शिकायत के आधार पर लेस्लीगंज थाने में कांड संख्या 137/2026 दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
बैंक खाते से मिले अहम सुराग
पुलिस का दावा है कि जांच में अनिमा कुमारी द्वारा अपने पिता के साथ मिलकर तेतरी देवी और पिंटू कुमार को पंकज की हत्या के लिए 10 लाख रुपये दिए जाने की जानकारी मिली। अनुसंधान के दौरान तेतरी देवी के बैंक खाते में करीब आठ लाख रुपये पाए जाने की बात भी पुलिस ने कही है। इस रकम के लेन-देन और उसके स्रोत की विस्तृत जांच की जा रही है।
फोन कर सतबरवा बुलाने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, कथित योजना के तहत रिंकी देवी के माध्यम से पंकज से फोन पर संपर्क कराया गया था। उसे सतबरवा बुलाने के बाद वारदात को अंजाम दिया गया और शव एकता जंगल में छोड़ दिया गया। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, कॉल विवरण और बैंक लेन-देन के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।
मोबाइल, नकदी और कार बरामद
पुलिस ने अनिमा कुमारी, पिंटू कुमार, तेतरी देवी, जितेंद्र उरांव, रिंकी देवी, रामजनम उरांव और दिलेश्वर सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, नकदी, बैंक पासबुक, चेकबुक और एक सुजुकी XL6 कार बरामद होने की जानकारी दी गई है। छापेमारी दल में एसडीपीओ प्रशांत कुमार, थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय, सहायक अवर निरीक्षक बाबूलाल यादव, रिजर्व गार्ड तथा तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल थे। सभी आरोप फिलहाल पुलिस अनुसंधान के आधार पर हैं; अंतिम दोष का निर्धारण न्यायालय करेगा।












