
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में किसानों की आय बढ़ाने और खाद्य तेल के उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला तेलहन मिशन की बैठक आयोजित हुई। इसमें सरसों और मूंगफली की खेती को विस्तार देने वाली कई महत्वपूर्ण गतिविधियों को स्वीकृति प्रदान की गई।
राष्ट्रीय मिशन के तहत चलेगा अभियान
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन की वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। राज्य स्तर से स्वीकृत योजना के अनुरूप जिले में किसानों के खेतों पर फसल प्रत्यक्षण, मिट्टी के नमूनों की जांच, कृषक प्रशिक्षण और कृषि अधिकारियों एवं प्रसार कर्मियों के क्षमता विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। किसानों तक आधुनिक तकनीक और तेलहन उत्पादन की वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से तकनीकी फिल्मों का भी निर्माण किया जाएगा। इन गतिविधियों के संचालन के लिए गठित समिति ने प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।
20 हेक्टेयर में मूंगफली का प्रत्यक्षण
जिला कृषि पदाधिकारी सह आत्मा के परियोजना निदेशक ने बताया कि खरीफ मौसम के दौरान चाकुलिया और बहरागोड़ा प्रखंड के चयनित किसानों के खेतों में 20 हेक्टेयर भूमि पर मूंगफली की फसल का प्रत्यक्षण किया गया है। इस प्रयोग के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज, वैज्ञानिक खेती और बेहतर उत्पादन तकनीक की जानकारी दी जा रही है।
400 हेक्टेयर में होगा सरसों का प्रत्यक्षण
आगामी रबी मौसम में जिले के 400 हेक्टेयर क्षेत्र में उन्नत किस्म के बीजों से सरसों की खेती का प्रत्यक्षण कराया जाएगा। इसके अंतर्गत बहरागोड़ा में 100 हेक्टेयर, गुड़ाबांदा में 150 हेक्टेयर और मुसाबनी में 150 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। क्लस्टर आधारित खेती से किसानों को तकनीकी सहायता देने के साथ उत्पादन लागत कम करने और उपज बढ़ाने का प्रयास होगा।
दो बड़े क्लस्टर में 1000 हेक्टेयर खेती
वैल्यू चेन क्लस्टर गतिविधि के अंतर्गत 1000 हेक्टेयर भूमि पर सरसों उत्पादन की योजना स्वीकृत की गई है। इसके लिए 500-500 हेक्टेयर के दो क्लस्टर बनाए जाएंगे। चाकुलिया में कल्याण महिला कुटीर उद्योग सहकारी समिति लिमिटेड और डुमरिया में सागेन साकाम कृषक उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड के माध्यम से योजना लागू की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य खेती से लेकर उत्पादन और विपणन तक किसानों को संगठित सहयोग उपलब्ध कराना है। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, डीडीएम नाबार्ड, एलडीएम, आत्मा के उप निदेशक तथा जिला तेलहन मिशन के नामित सदस्य उपस्थित रहे।












