
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में चल रही विकास योजनाओं की रफ्तार, गुणवत्ता और समय-सीमा की समीक्षा के लिए झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने रविवार को जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। परिसदन सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति हेमलाल मुर्मू ने की। समिति ने स्पष्ट किया कि योजनाओं में अनावश्यक देरी और गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में समिति के सदस्य एवं विधायक नागेंद्र महतो, मथुरा प्रसाद महतो, शशिभूषण मेहता और सोमेश सोरेन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
लंबित कार्यों के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना
समिति ने जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों और कार्यपालक अभियंताओं को लंबित योजनाओं की पहचान कर उन्हें तय समय में पूरा करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों से नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा गया। राज्य संपोषित योजनाओं के अंतर्गत निर्धारित अवधि से पीछे चल रहे कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। समिति ने कहा कि केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय योजनाओं की जमीनी स्थिति की लगातार जांच की जानी चाहिए।
लापरवाही पर संवेदकों के खिलाफ होगी कार्रवाई
विभागीय अधिकारियों को संवेदकों के साथ नियमित समीक्षा बैठक करने और प्रत्येक योजना की प्रगति पर नजर रखने का निर्देश मिला। बिना उचित कारण काम में देरी करने वाले संवेदकों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया। पूर्ण हो चुकी योजनाओं का उद्घाटन और नई योजनाओं का शिलान्यास स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराने का भी निर्देश दिया गया। समिति ने विकास योजनाओं की अद्यतन जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने तथा लंबित मामलों की उपायुक्त स्तर पर नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश
खनन एवं भूतत्व विभाग की समीक्षा के दौरान खनन प्रभावित क्षेत्रों में नियमानुसार विकास कार्य कराने को कहा गया। इसके साथ ही अवैध खनन तथा खनिजों के गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया गया। पर्यटन स्थलों पर जरूरी सुविधाएं विकसित करने और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की बात भी कही गई।
शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की भी समीक्षा
स्कूली शिक्षा विभाग को विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई, स्वच्छता और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने का निर्देश दिया गया। ग्रामीण विकास, पेयजल एवं स्वच्छता, भवन निर्माण, पथ निर्माण, ऊर्जा, कृषि, कल्याण और समाज कल्याण सहित अन्य विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा हुई। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, जिला खनन पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।












