
जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने राज्य में कथित भू-माफिया, अवैध निर्माण और आदिवासी जमीन पर कब्जे को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को सर्किट हाउस एरिया स्थित निर्मल गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े कथित अवैध कारोबार के कारण आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के साथ नदियों के प्राकृतिक अस्तित्व पर भी संकट पैदा हो रहा है।
कपाली-डोबो में खेती की जमीन पर उठाए सवाल
अर्जुन मुंडा ने कपाली और डोबो क्षेत्र का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि जिन इलाकों में कभी बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार खेती की जमीन पर निर्भर थे, वहां सुनियोजित तरीके से भूखंडों को बेदखल कर बहुमंजिला इमारतें खड़ी की जा रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार से कपाली और डोबो में कृषि भूमि पर हो रहे निर्माण कार्यों की पारदर्शी जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही पूरे मामले पर आधिकारिक श्वेत पत्र जारी कर यह बताने को कहा कि जमीन का हस्तांतरण और इस्तेमाल किन नियमों के तहत किया गया है।
नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों में निर्माण पर जताई चिंता
पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों में हो रहे बड़े निर्माण कार्यों पर चिंता व्यक्त की। उनका आरोप है कि नदियों के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र और बाढ़ नियंत्रण से संबंधित नियमों की अनदेखी कर इमारतें बनाई जा रही हैं। इससे आने वाले समय में गंभीर पर्यावरणीय संकट के साथ बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी से जुड़े एलिफेंट कॉरिडोर का मामला उठाते हुए सवाल किया कि हाथियों के पारंपरिक आवागमन वाले क्षेत्रों में बहुमंजिला इमारतों के निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई।
जमीन का स्वरूप बदलने का लगाया आरोप
अर्जुन मुंडा ने दावा किया कि निबंधन कार्यालयों में अधिक शुल्क लेकर कृषि भूमि का मूल स्वरूप बदलने और उसे व्यावसायिक उपयोग के लिए पंजीकृत करने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कथित नियम-विरुद्ध निबंधन में शामिल अधिकारियों की निष्पक्ष जांच और अवैध निर्माणों को चिह्नित कर कार्रवाई करने की मांग की।
अधिकारियों की भूमिका और कानून-व्यवस्था पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने टाटा स्टील के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लीज क्षेत्र से बाहर शिड्यूल एरिया में जमीन माफिया से मिलीभगत कर गलत काम किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं, जिनकी जांच आवश्यक है। शहर की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जमीन विवादों के कारण अपराध बढ़ रहे हैं। गोलमुरी बैंक डकैती, फायरिंग और हत्या की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।












