
रांची : 734 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रांची टीम ने बुधवार सुबह से झारखंड और बंगाल से जुड़े चार ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। इनमें जमशेदपुर के तीन और कोलकाता का एक ठिकाना शामिल है। कार्रवाई पूर्व में गिरफ्तार कारोबारियों शिव कुमार देवड़ा व अन्य से जुड़े मामलों में फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के इस्तेमाल की जांच के तहत की जा रही है।
जमशेदपुर में तीन ठिकानों पर कार्रवाई
ईडी की कार्रवाई जमशेदपुर में ज्ञान चंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल, ज्ञानचंद जायसवाल के अकाउंटेंट संजय पारेख तथा अन्य से जुड़े ठिकानों पर चल रही है। जांच एजेंसी को संदेह है कि बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के ऐसी कंपनियों से इनवॉयस लिए गए, जो वास्तव में मौजूद नहीं थीं। इन फर्जी इनवॉयस के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने की बात जांच में सामने आई है।
135 फर्जी कंपनियों के जरिए 5000 करोड़ की फर्जी बिलिंग
जांच के अनुसार पूरा मामला 135 कागजी कंपनियों के माध्यम से करीब 5000 करोड़ रुपये के फर्जी चालान जारी करने और इसके आधार पर 734 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने से जुड़ा है। ईडी इस नेटवर्क से जुड़े कारोबारियों, कंपनियों, बैंक खातों और संपत्तियों की पड़ताल कर रही है।
2025 में चार कारोबारी हुए थे गिरफ्तार
इस मामले में ईडी ने 8 मई 2025 को जमशेदपुर के जुगसलाई निवासी अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया, कोलकाता निवासी शिवकुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा और अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। ईडी ने इन सभी को मामले में मास्टरमाइंड बताया था।
उस समय की कार्रवाई में आरोपितों के ठिकानों से 29 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। इसके अलावा विभिन्न राज्यों में संचालित 135 फर्जी कागजी कंपनियों के बैंक खातों में जमा करीब 63 करोड़ रुपये फ्रीज कराए गए थे।
₹5.30 करोड़ की अचल संपत्ति भी जब्त
जांच एजेंसी के अनुसार फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल कर अर्जित करीब 5.30 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति भी पूर्व की कार्रवाई में जब्त की गई थी। पूरा मामला फर्जी कंपनियों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करने से जुड़ा है।
2023 में सामने आया था मामला
जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (DGGI) जमशेदपुर की ओर से वर्ष 2023 में की गई जांच के दौरान फर्जी बिलों के आधार पर करीब 734 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से मामले को अपने हाथ में लिया।
बुधवार को शुरू हुई ताजा छापेमारी में ईडी की टीम दस्तावेज, कारोबारी लेन-देन, बैंक खातों और फर्जी कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही जब्ती और जांच से जुड़े अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।












