
सरायकेला/जमशेदपुर : कदमा थाना क्षेत्र के विजया हेरिटेज निवासी होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे अशोक सिंह राघव के अस्पताल रेफरल को लेकर प्रशासन ने जांच शुरू करने का निर्णय लिया है। सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही अस्पताल रेफरल से संबंधित पूरी रिपोर्ट और प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई है।
12 सितंबर से सदर अस्पताल में भर्ती था अशोक राघव
अशोक राघव 12 सितंबर से सरायकेला सदर अस्पताल में भर्ती था। उसकी स्थिति को देखते हुए वहां के मेडिकल बोर्ड ने बेहतर जांच और इलाज के लिए उसे एमजीएम अस्पताल रेफर किया था। इसके बाद आरोपी को जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल लाया गया।
एमजीएम अस्पताल में चिकित्सकों ने आरोपी की जांच की। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में भर्ती रखने की आवश्यकता नहीं बताई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सरायकेला जेल भेज दिया।
रेफरल की पूरी प्रक्रिया होगी जांच के घेरे में
अब प्रशासन यह पता लगाएगा कि अशोक राघव को सरायकेला सदर अस्पताल से एमजीएम रेफर करने का निर्णय किन चिकित्सकीय आधारों पर लिया गया था। मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा, जांच रिपोर्ट और रेफरल से संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि आरोपी को लंबे समय तक अस्पताल में रखने की आवश्यकता क्या थी और अलग-अलग चरणों में उसे एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजने की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप हुई या नहीं।
जेल चिकित्सक की भूमिका भी जांच में शामिल
प्रशासनिक जांच में जेल चिकित्सक की भूमिका और मेडिकल रेफरल के आधार को भी विशेष रूप से देखा जाएगा। संबंधित चिकित्सकीय रिकॉर्ड और अस्पतालों की रिपोर्ट के आधार पर पूरे घटनाक्रम को क्रमवार समझने की कोशिश की जाएगी।
उपायुक्त के निर्देश के बाद अब जांच अधिकारियों के सामने यह महत्वपूर्ण सवाल होगा कि रेफरल का निर्णय किस मेडिकल स्थिति के आधार पर लिया गया और एमजीएम में जांच के बाद भर्ती की आवश्यकता क्यों नहीं पाई गई।
गिरफ्तारी के बाद TMH भी भेजा गया था
गिरफ्तारी के बाद चांडिल थाना पुलिस ने अशोक राघव को एमजीएम अस्पताल के बजाय सीधे टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) भेजा था। वहां कई दिनों तक इलाज के बाद उसे सरायकेला जेल भेजा गया था।
बाद में उसे सरायकेला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। 12 सितंबर से वहां इलाज चलने के बाद मेडिकल बोर्ड ने उसे एमजीएम रेफर किया। एमजीएम में जांच के बाद उसे भर्ती रखने की जरूरत नहीं बताई गई और पुलिस ने उसे फिर सरायकेला जेल भेज दिया।
हत्याकांड के साथ मेडिकल प्रक्रिया पर भी नजर
निखार सबलोक हत्याकांड की पुलिस जांच के बीच आरोपी के इलाज और अस्पताल रेफरल की प्रक्रिया अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गई है। DC के निर्देश के बाद संबंधित अस्पतालों की मेडिकल रिपोर्ट, रेफरल रिकॉर्ड और चिकित्सकों की राय की समीक्षा की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि अशोक राघव के अस्पताल रेफरल के पीछे क्या चिकित्सकीय आधार था और पूरी प्रक्रिया में कहीं नियमों की अनदेखी हुई या नहीं।












