
जमशेदपुर : कदमा के शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर-4 निवासी विनय कुमार राय के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वियतनाम में सड़क हादसे में विनय की मौत के बाद रविवार को उनका पार्थिव शरीर जमशेदपुर पहुंचा। जिस बेटे की सलामती के लिए मां लगन देवी जितिया का व्रत कर रही थीं, उन्हें पारण के बाद बेटे की मौत की खबर दी गई। खबर मिलते ही मां बदहवास हो गईं और घर में चीख-पुकार मच गई।
व्रत पूरा होने तक मां से छिपाई गई बेटे की मौत
विनय की मां ने बेटे की लंबी उम्र और सलामती के लिए जितिया का निर्जला व्रत रखा था। परिवार को पता था कि बेटे की मौत की खबर उनके लिए कितना बड़ा सदमा होगी। इसलिए परिजनों ने व्रत पूरा होने तक उन्हें सच्चाई नहीं बताई। रविवार सुबह मां ने पारण किया और इसके बाद उन्हें बेटे के निधन की जानकारी दी गई।
घर पहुंचा शव, आधे घंटे में निकली अंतिम यात्रा
रविवार सुबह विनय का पार्थिव शरीर शास्त्रीनगर स्थित घर लाया गया। शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक, परिवार को संभलने का मौका भी नहीं मिला और करीब आधे घंटे के भीतर अंतिम यात्रा की तैयारी शुरू हो गई। शास्त्रीनगर से विनय की अंतिम यात्रा निकली तो बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे।
जिस बेटे की शादी के सपने थे, उसी की अंतिम यात्रा
विनय के पिता रमेश राय ने बड़े अरमानों से बेटे को पढ़ाया था और उसे योग प्रशिक्षक बनाया था। करीब दो साल पहले उसे वियतनाम भेजा गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वापस लौटने के बाद उसकी शादी की बात पक्की की जाएगी। लेकिन 25 सितंबर को वियतनाम में हुए सड़क हादसे ने परिवार के सारे सपने तोड़ दिए।
विदेश मंत्रालय की मदद से भारत लाया गया शव
विनय की मौत के बाद आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार के सामने शव को भारत लाने की चुनौती थी। परिजनों ने मदद की गुहार लगाई। इसके बाद विदेश मंत्रालय के स्तर से प्रयास किए गए। शनिवार को विनय का पार्थिव शरीर कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से एंबुलेंस के जरिए उसे जमशेदपुर लाया गया।
कुंभ में पूरे परिवार को कराया था स्नान
परिजनों के मुताबिक, विनय कुछ समय पहले प्रयागराज कुंभ गया था। वहां उसने अपने पूरे परिवार को अपने खर्च पर कुंभ स्नान कराया था। पिता के मुताबिक, वह परिवार को लेकर काफी भावुक था। अब उसी बेटे की अंतिम यात्रा में पूरा परिवार गम में डूबा रहा।
पार्वती घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
शास्त्रीनगर से निकली अंतिम यात्रा बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पहुंची, जहां विनय का अंतिम संस्कार किया गया। बेटे को अंतिम विदाई देते समय मां समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। विनय की अंतिम यात्रा में स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।











