
जमशेदपुर: ओडिशा में लगातार हो रही बारिश के कारण बैंगबिल डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डैम के दो फाटक खोल दिए गए हैं। डैम से पानी छोड़े जाने के बाद खरकई नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और यह खतरे के निशान से 2.75 मीटर ऊपर बह रही है। इधर, स्थिति को देखते हुए चांडिल डैम के सात रेडियल गेट भी खोल दिए गए हैं। डैम से पानी छोड़े जाने के बाद नदी किनारे और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया है।
बागबेड़ा नया बस्ती के 300 घरों में घुसा पानी
खरकई नदी के बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों में देखने को मिल रहा है। बागबेड़ा नया बस्ती के करीब 300 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। घरों में पानी प्रवेश करने के बाद लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।

खरकई और स्वर्णरेखा दोनों खतरे के निशान से ऊपर
जमशेदपुर शहर में खरकई और स्वर्णरेखा दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 122.96 मीटर, जबकि खरकई नदी का जलस्तर 134.37 मीटर दर्ज किया गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे बसे इलाकों में खतरा और बढ़ गया है।
प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य शुरू
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सामाजिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन भी राहत कार्य में जुट गए हैं। प्रशाशन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी, निचले इलाकों और जलजमाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। प्रशासन द्वारा चिन्हित आश्रय स्थलों में शरण लेने और सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। सभी नगर निकायों को अलर्ट मोड में रखते हुए आवश्यक तैयारियां करने और लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

