
जमशेदपुर: शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। कुछ ही घंटों की बारिश में शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के सीतारामडेरा स्थित पटेल नगर, टीचर्स कॉलोनी समेत आसपास की बस्तियों के 100 से अधिक घरों में बारिश और नालियों का गंदा पानी घुस गया। अचानक हुए जलभराव से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मानसून शुरू होने से पहले नालों की समुचित सफाई नहीं कराई गई। नालियों में कचरा और गाद जमा रहने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई, जिससे थोड़ी ही देर में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। गंदा पानी घरों में घुसने से फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, राशन, कपड़े और अन्य घरेलू सामान खराब हो गए।

बारिश के बाद पूरे इलाके में लोगों को घंटों तक घरों से पानी निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। जलभराव के कारण गलियों और सड़कों पर आवागमन भी प्रभावित रहा। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाता।
घटना के बाद लोगों ने जेएनएसी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने, नालों की तत्काल सफाई कराने और जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त करने की मांग की। चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने उपायुक्त से मुलाकात कर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान, नालों की सफाई और प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की।
