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गिरिडीह: गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र के भिखोडीह गांव निवासी नीरज हाजरा के अपहरण के बाद हुई हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने मृतक की होने वाली पत्नी उर्मिला कुमारी और उर्मिला के जीजा सुभाष पासवान को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों के बीच कथित प्रेम संबंध थे और इसी वजह से नीरज की हत्या की साजिश रची गई। मामले का खुलासा मंगलवार को खोरीमहुआ के एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने प्रेसवार्ता में किया। उन्होंने बताया कि नीरज हाजरा राजस्थान में मजदूरी करता था। उसकी शादी 7 जुलाई को उर्मिला कुमारी के साथ तय थी। शादी में शामिल होने के लिए वह 4 जुलाई को राजस्थान से अपने गांव लौटा था। हालांकि, उसी दिन वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। अगले दिन उसके पिता सुभाष हाजरा ने जमुआ थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को बिहार के जमुई जिले के बेला जंगल से नीरज का शव बरामद हुआ। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने उर्मिला कुमारी और सुभाष पासवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर हत्या की साजिश और वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।हत्या के बाद पहचान छिपाने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को जंगल में फेंक दिया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई एक होंडा स्कूटी और दो चाकू भी बरामद किए गए हैं। इस पूरे मामले की जांच एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में इंस्पेक्टर प्रदीप दास, जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस ने दोनों जेल भेज दिया है।

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